Amrit Brikshya Andolan 2024: Objective, Benefits, Eligibility, Registration, App Download & Helpline
नमस्कार दोस्तों Meriyojana.com में आप सभी का स्वागत है। आज जिस योजना के बारे में हम चर्चा करने वाले हैं वह है उड़ीसा राज्य सरकार द्वारा शुरू की गया महत्वपूर्ण Amrit brikshya Andolan। इस आंदोलन का मुख्य लक्ष्य संपूर्ण उड़ीसा राज्य में वृक्षारोपण करवाना है। वहीं नागरिकों को वृक्षारोपण हेतु प्रेरित करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा हरियाली सुनिश्चित की जा सके जिससे पर्यावरण को लाभ प्राप्त होगा। आज के इस लेख में हम इसी महत्वपूर्ण आंदोलन के बारे में विस्तारित रूप से बताने वाले हैं तो चलिए शुरू करते हैं। Assam Orunodoi Scheme Assam Land Record अमृत वृक्ष आंदोलन योजना क्या है? (Amrit Brikshya Andolan Kya Hai?) हम सब जानते हैं कि पेड़ हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण हैं, ये पेड़ हमारे पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा महत्व रखते हैं। जिस तरह इंसान के जीवित रहने के लिए आक्सिजन जरूरी होती है, उसी तरह पर्यावरण के फलने फूलने के लिए पेड़ बहुत ही ज्यादा जरूरी होते हैं। इस महत्व को समझते हुए असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा ने जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत “अमृत वृक्ष आंदोलन” की शुरुआत की। इस आंदोलन की शुरुआत 8 जून 2023 की गई। Amrit brikshya Andolan Yojana 2025 मे पिछले वर्ष लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था और लगभग 48 लाख लोगों ने मोबाइल एप के जरिए इस आंदोलन मे भाग लेकर इसे सफल बनाया। इस अभूतपूर्व योगदान के चलते यह आंदोलन 9 गिनीज़ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स बनाने मे सफल रहा था । इस आंदोलन की इसी सफलता को भुनाते हुए इस बार अमृत वृक्ष आंदोलन में असम सरकार ने “माँ” के समर्पण को सम्मानित करते हुए उनके सम्मान मे “एक पेड़ माँ के नाम” कैम्पेन को शुरू करने का फैसला किया है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हमारे देश के माननीय पधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस कैम्पेन की शुरुआत की और सभी को इस अमृत वृक्ष आंदोलन में भाग लेकर इसे ज्यादा से ज्यादा सफल बनाने की अपील की। असम के मुख्यमंत्री श्री हेमंत बिस्वा ने भी लोगों से अपील की कि लोग कम से कम एक पेड़ अपनी माँ के नाम लगाकर अपने आस पास के पर्यावरण सरक्षण मे अपना योगदान सुनिश्चित करें। अमृत वृक्ष आंदोलन योजना 2.0 क्या है? (Amrit brikshya Andolan 2.0 Kya Hai?) पिछले वर्ष इस आंदोलन की सफलता ने सभी को बहुत उत्साहित कर दिया था और अब असम सरकार इस उत्साह को पूरी तरह से भुनाना चाहती है जिससे इस आंदोलन को और व्यापक रूप से फैलाया जा सके। पिछली बार इस आंदोलन के तहत 1 करोड़ बीज रोपड़ का लक्ष्य रखा गया था जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 3 करोड़ बीज रोपड़ कर दिया गया है । पिछले वर्ष की भारी सफलता ने ही ऐसा आत्मविश्वास दिया है कि लक्ष्य को तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है। इस बार 1 अगस्त से 15 अगस्त तक बीज रोपण का यह योजना किया जाएगा जिसमें सभी की भागीदारी इस लक्ष्य को प्राप्त करने मे महत्वपूर्ण साबित होगी। ये आंदोलन असम की वृक्ष आधारित अर्थव्यवस्था के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होगा और विकास के साथ साथ पर्यावरण संतुलन को भी स्थापित करेगा। अमृत वृक्ष आंदोलन योजना के उद्देश्य (Objective of Amrit Brikshya Andolan 2025) Amrit brikshya Andolan Yojana असम सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण पहल है। इस आंदोलन के चार मुख्य उद्देश्य हैं: अमृत वृक्ष आंदोलन का सबसे पहला लक्ष्य पूरे असम में तीन करोड़ पौधे लगाना है, जिससे जंगली वृक्षों के अलावा भी वृक्षों का एक अच्छा खासा खाका तैयार किया जा सकता है। ये एक तरह की बचत योजना जैसा है कि जितने वृक्ष हमारे जंगलों मे हैं वो तो हमारे पास हैं ही, और अलग से हमने इतनी बड़ी मात्रा मे वृक्षारोपण करके कई सारे और जंगल तैयार कर दिए जो आबादी के साथ साथ फैले हुए हैं। इस योजना का उद्देश्य प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करना भी है, जिससे वृक्षारोपण में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके और उनको इस कार्यक्रम के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूक बनाया जा सके। पेड़ों के विकास को प्रोत्साहित करके, आंदोलन का लक्ष्य राज्य के भीतर वृक्ष-आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना, स्थायी आजीविका और आय के अवसर पैदा करना है।जिससे राज्य मे रोजगार के नए नए मौके बनें और लोगों को उनके गृह राज्य मे ही रोजगार उपलब्ध हो पाए। एक मुख्य उद्देश्य राज्य के समग्र पर्यावरणीय कल्याण में योगदान करते हुए राज्य के घनत्व के अनुसार हरियाली को बढ़ाना है। जब हारीयाली मे बढ़ोत्तरी होगी तो वन्यजीव संरक्षण भी अपने चरम पर पहुंचेगा। असम अमृत वृक्ष आंदोलन योजना के लाभ (Benefits of Amrit brikshya Andolan) पेड़ लगने का सीधा स मतलब है हरियाली जितने ज्यादा वृक्ष लगते जाएंगे उतनी ज्यादा हरियाली बढ़ती जाएगी और साथ राज्य एक स्वास्थ वातावरण की तरफ बढ़ता जाएगा। प्राकर्तिक संतुलन होने पर आपदाएं नहीं आएंगी और सभी तरफ हरियाली आने से मनोहर दृश्य भी देखने को मिलेंगे। इस आंदोलन मे भाग लेने वाले व्यक्तियों और समूहों को निःशुल्क पौध प्राप्त होगी, जिससे उन सबकी आर्थिक बाधाएं दूर होंगी और अमृत वृक्ष आंदोलन में व्यापक भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। यह आंदोलन सक्रिय रूप से वृक्ष आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और प्रोत्साहित करेगा, जिससे असम के लोगों के लिए विभिन्न आर्थिक अवसर खुलेंगे। पौधारोपण करने और समर्पित पोर्टल/ऐप पर जियोटैग की गई तस्वीर अपलोड करने पर, प्रतिभागियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार से 100 रु. वृक्ष रोपण के समय और इसके अतिरिक्त पौधों के जीवित रहने में सहायता करने के लिए तीसरे वर्ष में सरकार द्वारा 200 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। अमृत वृक्ष आंदोलन में स्वयं सहायता समूहों, आशा कार्यकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न सामुदायिक निकायों सहित विभिन्न प्रकार के प्रतिभागी शामिल होंगे। यह सम्पूर्ण आंदोलन ही सहभागिता की नींव पर आधारित है सबके अथक प्रयासों और समर्पण से ये आंदोलन पिछले वर्ष से ज्यादा सफल हो सकता है। असम अमृत वृक्ष आंदोलन योजना के महत्वपूर्ण बिन्दु (Amrit brikshya Andolan Important Points) यह पहल राज्य में वृक्ष अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी और लकड़ी आधारित उद्योग क्षेत्र में नए निवेश को आकर्षित करेगी क्योंकि अमृत वृक्ष आंदोलन के तहत लगाए गए पेड़ों से अगले … Read more